Numerology | Method of extracting Mulank and Bhagyank | अंक ज्योतिष | मूलांक और भाग्यांक निकालने की विधि | अंक जयोतिष में अंकों का प्रयोग | मूलांक, भाग्यांक और नामांक
Share
Numerology - Method of extracting Mulank and Bhagyank - अंक ज्योतिष - मूलांक और भाग्यांक निकालने की विधि - अंक जयोतिष में मुख्य रूप से अंकों का प्रयोग तीन तरीके से किया जाता है : मूलांक, भाग्यांक और नामांक
मूलांक : जातक की जन्म तिथि को एक-एक कर जोड़ने से जो अंक प्राप्त होता है वो उस व्यक्ति का मूलांक कहलाता है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी व्यक्ति कि जन्म तिथि 17 है तो 1+7 =8 तो व्यक्ति का मूलांक 8 होगा।
भाग्यांक: जातक की जन्म तिथि, माह और वर्ष को जोड़ने के बाद जो अंक प्राप्त होगा वह उस व्यक्ति का भाग्यांक कहलाता है, जैसे यदि किसी जातक की जन्म तिथि 17-04-1980 है तो उस व्यक्ति का भाग्यांक 1+7+0+4+1+9+8+0 = 30, 3+0= 3, अर्थात इस जातक का भाग्यांक 3 होगा।
नामांक: जातक के नाम से जुड़े अक्षरों को जोड़ने के बाद जो अंक प्राप्त होगा वह उस जातक का नामांक कहलाता है, उदाहरण यदि किसी का नाम “RAM” है तो इन अक्षरों से जुड़े अंकों को जोड़ने के बाद ही उसका नामांक निकला जा सकता है। R(18, 1+8=9+A(1)+M(13, 1+3=4), 9+1+4 =14=1+4=5, अर्थात इस नाम के जातक का नामांक 5 होगा।
